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नितेश राणे की मुंब्रा का नाम बदलने की मांग, बोले- महादेव की भूमि

ठाणे। महाराष्ट्र के भाजपा मंत्री नितेश राणे ने रविवार को कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए ठाणे के मुंब्रा इलाके का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मुंब्रा को लेकर बड़ा बयान दिया और इलाके का नाम बदलकर ‘मुंब्रा देवी’ किए जाने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया।
राणे ने अपने दौरे के बाद मुंब्रा क्षेत्र को ‘महादेव की भूमि’ बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की धार्मिक पहचान को सामने लाने की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
Thane, Maharashtra: Minister Nitesh Rane visited the Mumbra area on the occasion of the Kanwar Yatra. pic.twitter.com/C8JLB1qm5z
— IANS (@ians_india) August 16, 2026
कांवड़ यात्रा में शामिल हुए नितेश राणे
जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे रविवार को कांवड़ यात्रा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुंब्रा पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात की और धार्मिक आयोजन में हिस्सा लिया। उन्होंने कांवड़ यात्रा को आस्था और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
मुंब्रा का नाम बदलने की मांग दोहराई
दौरे के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नितेश राणे ने कहा कि मुंब्रा की पहचान को लेकर उनकी मांग पहले से रही है।
उन्होंने कहा कि मुंब्रा का नाम बदलकर ‘मुंब्रा देवी’ किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, जिसे लोगों के सामने लाने की आवश्यकता है।
‘महादेव की भूमि’ बताया
नितेश राणे ने मुंब्रा को ‘महादेव की भूमि’ बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय परंपराओं और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र की पहचान पर विचार किया जाना चाहिए।
हालांकि, इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने की संभावना है।
नाम बदलने को लेकर पहले भी उठी मांग
मुंब्रा का नाम बदलने की मांग इससे पहले भी कई बार सामने आ चुकी है।
भाजपा के कुछ नेता समय-समय पर शहरों और इलाकों के नाम बदलने को लेकर मांग उठाते रहे हैं। उनका तर्क रहता है कि कई स्थानों के पुराने नामों को उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के आधार पर बदला जाना चाहिए।
राजनीतिक विवाद की संभावना
नितेश राणे के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नाम बदलने का मुद्दा चर्चा में आ गया है।
विपक्षी दल इस तरह की मांगों को लेकर भाजपा पर निशाना साधते रहे हैं और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाते हैं।
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि नाम बदलना सांस्कृतिक पहचान और इतिहास से जुड़ा विषय है।
मुंब्रा की अलग पहचान
ठाणे जिले का मुंब्रा क्षेत्र लंबे समय से अपनी अलग सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है।
यहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और यह क्षेत्र ठाणे-मुंबई महानगरीय क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इलाके की पहचान, इतिहास और नाम को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है।
सरकार के स्तर पर होगा फैसला
किसी भी स्थान का नाम बदलने का अंतिम फैसला सरकार और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होता है।
इसके लिए प्रस्ताव, स्थानीय निकायों की राय और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक होता है।
फिलहाल नितेश राणे की मांग राजनीतिक बयान के रूप में सामने आई है।
कांवड़ यात्रा को लेकर धार्मिक माहौल
कांवड़ यात्रा के दौरान देशभर में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हुए यात्रा निकालते हैं।
महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर कांवड़ यात्राओं का आयोजन किया गया। नितेश राणे का मुंब्रा दौरा इसी धार्मिक आयोजन से जुड़ा हुआ था।
बयान पर नजर
नितेश राणे के बयान के बाद अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दलों और स्थानीय संगठनों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
फिलहाल मुंब्रा का नाम बदलने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है।





